
आज के बछड़े कल का मुनाफा हैं, इन्हें दस्त की जानलेवा दहशत से बचाएं !
बछड़ों में दस्त ज़्यादातर संक्रमण (Infection in calves ), पर्यावरण और पोषण संबंधी तनाव आदि के कारण होते हैं। कई इन्फेक्शन, वायरल और बैक्टीरियल दस्त का कारण बन सकते हैं।

बछड़ों में दस्त ज़्यादातर संक्रमण (Infection in calves ), पर्यावरण और पोषण संबंधी तनाव आदि के कारण होते हैं। कई इन्फेक्शन, वायरल और बैक्टीरियल दस्त का कारण बन सकते हैं।

दुधारु पशुओं में आयरन (लौह) की कमी बहुत घातक है । अक्सर पशुपालक इस पर ध्यान नही देते और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है । इसलिए सावधान रहें और अपने बाड़े के पशुओं में किसी भी हालत में आयरन की कमी न होने दें। आयरन न सिर्फ ताकत है बल्कि पशुपालन में मुनाफे का आधार भी है ।

कई बार जानकारी की कमी या फिर लापरवाही की वजह से पशुपालकों को अपने दुधारु पशुओं से हाथ धोना पड़ जाता है । कई बीमारियां ऐसी हैं जो चुपके से दाखिल होती हैं और इलाज न होने पर बड़े जोखिम का सबब बन जाती हैं ।

मुर्गी पालन (Poultry Farming) एक तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय है। कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय आय का अच्छा स्रोत बन सकता है।

आगे बढ़ने से पहले जान लेते हैं कि अंडा उत्पादन के लिए देसी मुर्गी की नस्लें (Indigenous Hen Breeds) ही क्यों चुनें ? पहला कि यह भारतीय जलवायु के अनुकूल होती हैं और स्थानीय बीमारियों से लड़ सकती हैं ।

अब पशुपालन से जुड़े किसानों को पशुओं में होने वाले रोगों से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है । अब पशु के लक्षण देखकर सेहत से जुड़ी समस्या की पहचान आसान हो गई है।

दुधारू पशुओं (गाय/भैंस) और छोटे पशुओं (बकरी/मुर्गी) की इकाइयां स्थापित करने के लिए बैंक से लिये जाने वाले लोन पर कई राज्य सरकारें सब्सिडी देती हैं लेकिन उत्तराखंड में एक ऐसी योजना है जिसमें बैंक ऋण के ब्याज पर भारी-भरकम सब्सिडी (कुछ शर्तों के साथ) प्रदान की जाती है।

खेती-किसानी की बढ़ती लागत, महंगे बीज, चारा, कीटनाशक और मशीनों के खर्च के बीच अब किसानों और पशुपालकों को उत्तर प्रदेश सरकार सस्ता कर्ज देने को तैयार हो गई है ।

पशुपालन में पशुओं का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा पशुपालकों के लिए एक बड़ी चुनौती की तरह हैं क्योंकि पशुओं के ठीक-ठाक रहने से ही व्यवसाय भी मुनाफा देता रहता है । इस काम में बीमा बड़ी मदद करता है ।

हरियाणा सरकार की कई योजनाएं किसानों और पशुपालकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही हैं । इसी कड़ी में किसानों की आय को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा सरकार पशु किसान क्रेडिट कार्ड (PKCC) योजना चला रही है।